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गुरुवार, 14 दिसंबर 2023

Knowledge:मानव नेत्र के बारे में जानकारी,कार्य विधि ,रोग से बचने का उपाय,लक्षण

मानव नेत्र के बारे में जानकारी,कार्य विधि ,रोग से बचने का उपाय,लक्षण


आँख

आँख वह होती है जिसका उपयोग मानव या जीव किसी वस्तु को देखने के लिए करते है.जब हम किसी वस्तु को देखते हैं तो उसकी प्रतिबिम्ब हमारे दिमाग को जाता है. उसके बाद मस्तिस्क के नेर्देश पर पता चलता है की वह क्या है.यह हमारे लिए अति आवश्यक अंग है. जिसका मुख्य काम प्रतिबिम्ब बनाना है. जब किसी वस्तु पर प्रकाश पड़ती है और उसकी  प्रकाश हमारे आँखों से टकराती है तो हमें दिखाई देने लगती है.

संरचना

आँखों के कई भाग होते है जो इस प्रकार से है :

  • नेत्रपटल - नेत्रपटल आपके आखों के उपरी भाग को कहा जाता है यह आपकी आँखों की सुरक्षा करता है. इसमें नमी उत्पन्न होती रहती है जो बाहरी प्रदुषण या कचरा आँखों पर पड़ने पर आशु उत्पन्न करता है और आंख से बहार निकाल देता है. यह वस्तु से आने वाली प्रकाश को परावर्तन करने का काम करता है.
  • श्वेतपटल-आँखों के सफ़ेद भाग को श्वेतपटल कहा जाता है.
  • आँख की पुतली- आंख की पुतली के आकार और रंग के लिए जिमेदार होता है. इसमें मासपेशिया होती है.
  • लेंस - यह प्रकाश को केन्द्रित करके प्रकाश को छात्र के अन्दर भेजती है. उसके बाद दिखाई देने लगता है.
  • रेटिना - आंखों के पीछे प्रकाश-संवेदनशील कोशिकाओं  होती है जो  प्रकाश को विद्युत संकेतों में परिवर्तित करती है. इसमें छड़ेंऔर शंकु शामिल हैं।
  • आँखों की नस - यह नस रेटिना से जुड़े होते है जो आँखों की संकेतो को मस्तिक तक पहुचती है. यह नसे मस्तिक के कई भागो से जुड़े रहते है. 
  • बाहरी मांसपेशियाँ- ये आपकी आंख की स्थिति, संरेखण और गति को नियंत्रित करते हैं। 

आंख का कार्य : 

आंख का मुख्य कार्य आपको दृष्टी प्रदान करना है. जब प्रकाश किसी वस्तु से टकराती है और हमारे आँखों तक पहुचती है तो हमें वह वस्तु दिखाई देने लगती है. विज्ञान की भाषा में जब प्रकाश किसी वस्तु से टकराकर हमारी आँखों के रेटिना पर पड़ती है तो वह छात्र के माध्यम से पीछे की ओर प्रवेश करती है और आँखों के नस के माध्यम से जो की रेटिना से जुड़े होते है. आँखों के नस संकेतो को मस्तिक तक पहुचती है. इस प्रकार आपको उस वस्तु के बारे  में पता चलता है. 

आँखों में होने वाली विकार और परेशानी

    आपके आँखों में कुछ विकार हो सकते है जो इस प्रकार से है :

    • प्रकाश  परावर्तन सम्बंधित विकार - जब प्रकाश आपकी रेटिना में सही प्रकार से नही पहुचती है जैसे प्रकाश देर से पहुचना या जल्दी पहुच जाना. इसे हम निकट दृष्टी दोष व दूर दृष्टी दोष कहते है. 
    • नेत्रपटल विकार - यह विकार जन्म के समय से ही हो सकता है जिसमे परेशानी होने लगती है.
    • रेटिना में  विकार - रेटिना में भी विकार हो सकता जिससे संकेतो को सही से नसों द्वारा  मस्तिक तक नही पहुचाया जा सकता है.
    • आँखों के नसों में  -  ये आंखों और मस्तिष्क को जोड़ने वाली नसों को प्रभावित करते हैं. उदा. ऑप्टिक न्यूरिटिस और ऑप्टिक शोष हैं.
    • बड़ती उम्र में विकार - उम्र बड़ने के साथ हमारे आँखों में विकार उत्पन्न होने लगते है जैस दूर दृष्टी दोष, निकट दृष्टी दोष. आँखों की रेटिना सही तरीके से काम नही करती है. नसे भी प्रभावित होती है. इसलिए अपने आँखों का ध्यान रखना चाहिए. विटामिन C का भरपूर मात्रा में ले .
    • संक्रमण - आँखों में किसी प्रकार का संक्रमण होने पर भी आपको देखने में परेशानी होती है .

    आँखों में होने वाले रोगों के लक्षण 

    आँखों में होने वाले रोगों के लक्षण इस प्रकार है :

    • आँखों का लाल होना 
    • लगातार आंसू निकलना 
    • आंख का पिला पड़ जाना,
    • देखने में परेशानी होना
    • चश्मे का नंबर बड़ जाना 
    • आँखों के पुतली में बदलाव 

    अपनी आंखों को  स्वास्थ्य को बनाए रखने के उपाय 

     अपनी आँखों की स्वास्थ्य के निम्नलिखित उपाय है जो इस प्रकार से है:

    • सुरक्षा सामग्री  - आँखों की सुरक्षा के लिए आप काला चश्मा पहन सकते है इससे आपको  धूप,प्रदुषण,जलन से राहत मिलेगी. 
    • तम्बाकू का सेवन या धुम्रपान - तम्बाखू या धुम्रपान करने से हमारे आँखों को नुकसान होने लगता है, इसलिए इसका सेवन नही करना चाहिए.
    • विटामिन C का सेवन करें, आपको मिर्ची,नीबू आदि में प्राप्त हो जायेंगी.
    • गुलाब जल की कुछ बुँदे आँखों पर डालने से कचरा बहार निकल जाता है.
    • हल्के गर्म पानी से सुबह और सोने से पहले धोए.
    • हमेशा साफ पानी से ही आँखों को धोए.
    • मुलायम कपड़े से आँखों की सफाई करें.
    • प्रदुषण वाले जगह से दूर रहे
    सलाह 

    आंख हमारे शरीर का प्रमुख अंग है, इसलिए इसका ख्याल रखे. आँखों से सम्बंधित समस्या को नजर अंदाज ना करें. बिना किसी देरी के अपने नजदीकी नेत्र के डॉक्टर के पास जाये और अपना उचित इलाज करायें.

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