नाक
आपकी नाक साँस क्रिया की अंग है .यह हमारे शरीर में हवा की सफाई कर ठंडा या गर्म हवा अन्दर लाने का काम करता है ,नाक किसी भी गंध को अनुभव कर पहचान कराती है और हमारे दिमाग को संकेत भेजती है. कुछ सामान्य लक्षण से नाक को प्रभावित कर सकती है लाइक बंद नाक और नाक से अचानक खून आना. ऐसी स्थिति में आपको उचित उपचार करने की जरुरत होती है.
नाक के प्रमुख कार्य इस प्रकार से है :
- हवा को आपके शरीर में प्रवेश करने की अनुमति देता है.
- जमे कोल्ड को बाहर निकलती है,
- कणों और एलर्जी को दूर करने के लिए हवा को फ़िल्टर और साफ़ करता है.
- गंध की अनुभूति कराती है.
- हवा को गर्म और नम करता है ताकि यह आपके श्वसन तंत्र में आराम से जा सके.
- CO2 गैस को बहार निकालने का भी काम करती है.
- O2 गैस अन्दर लेने में सहायक होती है. जो हमारे लिए प्राण वायु है.
नाक की शारीरिक रचना में निम्न अंग होते है :
- हड्डी- आपकी नाक के शीर्ष पर कठोर पुल हड्डी से बना है.
- बाल और सिलिया- आपकी नाक के अंदर बाल और सिलिया गंदगी और कणों को रोकते हैं. फिर वे उन कणों को आपके नासिका छिद्रों की ओर ले जाते हैं, जहां उन्हें छींका जा सकता है या निकला जा सकता है.
- बाहरी दीवारें-आपकी नाक की बाहरी दीवारें उपास्थि से बनी होती हैं और त्वचा से ढका हुआ होता है. दीवारें आपकी नाक गुहाओं और आपके नासिका छिद्रों का निर्माण करती हैं.
- नाक छिद्र- आपकी नाक में दो नासिका छिद्र होते हैं, खोखले स्थान जहां हवा अंदर और बाहर बहती है. वे श्लेष्म झिल्ली से बने होते हैं.
- तंत्रिका कोशिकाएं- ये कोशिकाएं गंध की अनुभूति प्रदान करने के लिए आपके मस्तिष्क से संचार करती हैं और गंध की पहचान कराने में मदत करती है
- सेप्टम बोस-सेप्टम हड्डी और दृढ़ उपास्थि से बना होता है. यह आपकी नाक के केंद्र से नीचे की ओर बहती है और दो नासिका छिद्रों को अलग करती है.
- साइनस- आपके पास साइनस के चार जोड़े हैं.हवा से भरी ये जेबें आपकी नासिका छिद्रों से जुड़ी होती हैं. वे बलगम उत्पन्न करते हैं जो आपकी नाक को नम रखता है. सामन्य शब्दों में सर्दी होना.
- टर्बिनेट्स - दोनों नाक गुहाओं के किनारों पर तीन जोड़ी टर्बाइनेट्स स्थित होते हैं. आपकी नाक के अंदर की ये सिलवटें सांस लेने के बाद हवा को गर्म और नम करने में मदद करती हैं और नाक से पानी(बलगम) निकालने में मदद करती हैं.
स्थितियाँ एवं विकार
स्वास्थ की स्थित में नाक में निम्न विकार उत्पन हो सकते है :
- संक्रमण- एक संक्रमण एलर्जिक राइनाइटिस जैसे ही कई लक्षण पैदा कर सकता है उदाहरणों में शामिल हैं सामान्य सर्दी.
- नकसीर -जब आपकी नाक अन्दर से टूट जाती है तो खून निकालने लगता है.
- हे फीवर- हे फीवर जलन, छींकने, नाक बहने या बंद नाक का कारण बन सकता है.
- नाक से खुन आना - कभी-कभी हवा की कमी के कारण आपके नाक से खून निकलने लगता है.
अपनी नाक की देखभाल के उपाय
आप अपनी नाक की देखभाल निम्न बिंदु पर कर सकते है
- निकाले गए धूम्रपान को सांस लेने से बचें.
- सर्दी-खासी होने पर आप लौंग व काली मिर्च का काड़ा बना कर पिए
- नाक के बाल न हटाएं, क्योंकि वे गंदगी और मलबे को फ़िल्टर करते है .
- खूब सारा पानी पीओ.ठंडा पानी जादा ना पिए.
- अपने घर में धूल कम करने के लिए अपने घर को साफ रखें.
- हवा को नम बनाए रखने के लिए घर में गुनगुना पानी पिया करें .
- ठंडी जगह से जाने बचे.
- सर्दी होने पर रुमाल का इस्तेमाल करें.
- अदरक और तुलसी का काड़ा पिया करें.
- हमेशा गर्म खाना आपको खाना चाहिए.
- धुम्रपान व प्रदुषण वाले स्थान पर ना जाये
- संक्रमण से बचें.
- मॉर्निंग में प्राणायाम योगा किया करें.
सलाह
नाक बाकी अंगों की तरह आपके लिए महत्वपूर्ण है. इसका आपको ध्यान रखना चाहिए.धुम्रपान से बचे और ठंडी जगहों से दूर रहे. सर्दी होने पर गर्म पानी का उपयोग करें. नाक में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत उचित उपचार के लिए डॉक्टर के पास जाये.


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