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सोमवार, 25 दिसंबर 2023

Knowledge: चमड़ी(skin) की संरचना,चमड़ी के रोग व लक्षण , स्वास्थ रखने के उपाय


चमड़ी(skin) की संरचना,चमड़ी के रोग व लक्षण , स्वास्थ रखने के उपाय

 चमड़ी(skin) का परिचय 

चमड़ी,चमड़ी हमारे शरीर के लिए जरुरी भाग है, जो मानव शरीर में होते है जिसके दो तह होते है . आन्तरिक चमड़ी की सतह और बाहरी सतह. आन्तरिक तह में पसीने का निर्माण होता है और बाहरी तह से पसीने बहार निकलती है. यह शरीर में मांस के ऊपर होता है. चमड़ी हमारे शरीर की सुरक्षा कवच की तरह कार्य करता है. बाहरी चमड़ी की सतह में छोटे-छोटे छिद्र होते है जिस पर बाल होते है. इन्ही छिद्रों के माध्यम से पसीने के द्वरा हमारे शरीर के गन्दगी बाहर निकलती है. चमड़ी बाहरी परेशानियों से बचाता है जैसे धूप से,धुल,संक्रमण से. बाहरी चमड़ी के अलग-अलग रंग हो सकते है जैसे काला,सफेद,सावला,गेहुआ. चमड़ी के अन्दर का भाग लाल रंग का होता है और इसमें हमारी रक्त कोशिकाएं होती है. रक्त कोशिकाओं चमड़ी को पोषण पहुचने का काम करती है. चमड़ी आपको ठंडा,गर्म,जलन,खुजली का महसुस करता है. इसलिए आपको अपने स्किन का ध्यान रखना चाहिए.

चमड़ी(skin) की संरचना,चमड़ी के रोग व लक्षण , स्वास्थ रखने के उपाय



चमड़ी(skin) की संरचना 

  • हेयर फालिकल(बाल कूप)- बाल कूप वह होता है जो स्किन पर मौजूद होता है जो स्किन के बालो को पोषण देता है इसी पर बाल का निर्माण होता है. बाल को खीचने पर बाल कूप को नुकसान पहुचता है जिससे बाल तोड़ हो जाता है.
  • पसीने की ग्रंथि - इसी ग्रंथि में शरीर के गंदगी इकत्र हो कर पसीने के रूप में परिवर्तित हो कर स्किन के छिद्रों के माध्यम से बहार निकलती है.
  • वसा - अंदरी स्किन के तह के बाद शरीर में चर्बी या वसा होती साधारण शब्दों में मांस भी कह सकते है. आपका अतिरिक्त खाना चर्बी के रूप में बहार एकत्र हो जाती है.
  • रक्त वाहिकाएं- रक्त कोशिकाएं स्किन व चर्बी के बीच में होते है.जो खाने से प्राप्त उर्जा को स्किन सहित पुरे शरीर को पोषण पहुचने में सहायता करती है. 


चमड़ी का ख्याल रखने के लिए आप निम्नलिखित कार्य कर सकते है

  1. रोज नियमित नहाया करें.
  2. अपने स्किन से जमे मेल को निकालने के लिए स्क्रब से रगड़े 
  3. अपने स्किन में पेट्रोलियम जैली का या बॉडी लोशन का उपयोग करें. इससे स्किन सुन्दर और चमकदार होती है.
  4. पसीना  आने पर आपको नहाना चाहिए ताकि पसीने में उपस्थित कीटाणु निकाल जाये.
  5. संक्रमण को रोकने के लिए एंटीसेप्टिक,एन्टी बैक्टरिया साबुन व आयल का उपयोग करें.
  6. स्किन सम्बंधित रोग होने पर गर्म पानी से सेक करना चाहिए.
  7. चमड़ी में कटी घाव से बदबू आने पर, जलन,सुजन, या मवाद,फोड़े फुंसी होने पर आपको गर्म पानी से सेककई करना चाहिए और दवाई लगाये.

चमड़ी में होने वाले रोग व उपाय 

  • घमोरी- गर्मी के दिनों में घमोरी का होना आम बात है. गर्मी में पसीने के कारण शरीर के अन्दर की गंदगी आपके स्किन पर जम जाती है और इसमें उपस्थित बैक्टरिया दाने दाने बनाने लगते है. इसके लिए आपको नाहा कर टैल्क पाउडर का उपयोग करना चाहिए. जितना आप इसको खुजलायेंगे बढती चली जाएगी.
  • दाद- दाद भी एक सामान्य स्किन प्रॉब्लम है. जो गोल आकार का दाने दाने के रूप में होती है. संक्रमण इसका कारण होता है. दाद होने पर एन्टी सेफ्टिक साबुन से नहाना चाहिए और आप तुलसी के पत्तो को नमक के साथ रगड़ कर ठीक कर सकते है.
  • खुजली- खुजली आपको कई कारणों से हो सकता है जैसे संक्रमण,पसीना,धुल,मछर के काटने से,झाग वाले चीजे आपके शरीर में रह जाये तो, नियमित साफ सफाई ना हो तो. खुजली होने पर एंटी सेफ्टिक साबुन से नहाए. उस पर नाख़ून से खुजली ना करें. नीम का तेल,तुलसी का तेल लगा कर ठीक कर सकते है.
  • सफेद दाग - सफेद दाग एक चर्म रोग होता है इसके लिए आपको डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए.
  • किल-मुहासे - 17 से १८ वर्ष के लोगो में अधिकता पाई जाती है इसका कारण शरीर के अन्दर परिवर्तित हार्मोन्स के कारण होता है. हल्दी का लेप,चन्दन का लेप , लगाये आपकी स्किन निखर जाएगी.
  • फोड़ा -फुंसी- फोड़ा-फुंसी मुख्यतः आपके खराब खून के कारण होता है इसलिए हैल्दी फ़ूड का सेवन करें.नियमित कसरत करते रहें. वरना ये घाव का भी रूप ले सकती है.
  • चर्म रोग - चर्म रोग फैलने वाली बीमारी होती जो आपके स्किन को बुरी तरह से नुकसान करता है. एन्टी सेफ्टिक, एन्टी बक्ट्रिअल आयल या लेप लगा सकते है.
  • लाल होना - इसका कारण संक्रमण होता है जैसे मछर काटने पर उस जगह को खुजली करते है तो कम्पन की तरह फैलती है और लाल हो जाती है. आपको तेज खुजली करने का मन करता है. यह कुछ समय बाद ठीक हो जाती  है. नाख़ून से खुजली करने से बचें.
  • चमड़ी के ऊपर  छिद्रों में बैक्टरिया फसना- इसका कारण साफ सफाई हो सकता है इस लिए नियमित स्नान करना जरुरी है . ऐसा नही करने पर पसीने से निकालने वाली मैल छिद्रों में भर जाती है.
  • चेचक - चेचक हार्मोन्स परिवर्तन, या किसी संक्रमण के कारण हो सकता है ये पुरे शरीर में फुंसी की तरह हो जाती है.खुजली होती है नाखून लगाने से बचे. आपको नीम के पत्तो को पिस कर एक पेस्ट बना ले उसके बाद पुरे शरीर में लगा कर नहाए.

ठण्ड के दिनों में स्किन ड्राई व फट क्यों जाती है ?
ठण्ड के दिनों में हमारी स्किन ड्राई व फट जाती है इसका कारण होता ठण्ड के वजह से हमारा शरीर नमी उत्पन्न नही कर पता है. अर्थात आयल पदार्थ निकाल नही पाता है. जो शरीर को मुलायम व नमी बनाये रखता है. इसी के कमी के कारण स्किन ड्राई व  हो जाती है. इससे बचने के लिए आप अपने शरीर को गर्म रखे. बॉडी लोशन का उपयोग करें.

गर्मी के दिनों में हाथ व पैर से चमड़ी क्यों निकलने लगता है ?
गर्मी के दिनों में अधिकतर लोगो के हाथ व पैर से चमड़ी निकलने लगती है. ये सामान्य प्रॉब्लम होती है. चमड़ी निकालने का कारण पानी की कमी होती है जिससे नमी उत्पन्न नही कर पाती है . इसलिए आपको पानी का सेवन अधिक मात्रा में करना चाहिए काश कर गर्मी के दिनों में जादा करना चाहिए.

सलाह 
अपने स्किन को बनाये रखने के लिए निम्नलिखित सलाह का पालन करें जो इस प्रकार से है :
  • नमी उत्पन करने के लिए पानी पिया करें.
  • संक्रमण से बचे
  • नियमित स्नान करें 
  •  अपने स्किन को ठंडे स्थान से बचा कर रखें.
  • स्किन ड्राई होने पर पेट्रोलियम जैली या बॉडी क्रीम का उपयोग करें.
  • ठण्ड में अपने शरीर को गर्म रखने के लिए गर्म कपड़े पहनें.
  • ठंडे पानी से नही नहाना चाहिए.



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