मस्तिष्क क्या है?
मस्तिष्क का मतलब दिमाग होता है जो हमारे सिर में नाक,कान,मुह,जीभ और बालों के पास सिर के खोपड़ी में स्थित होकर इनसे जुड़ा होता है.यह पुरे शरीर का मालिक अर्थार्थ नियंत्रक होता है . मस्तिष्क हमारे शरीर का प्रमुख अंग है,शरीर के समस्त अंग मस्तिष्क से संकेत कोशिकाओं से जुड़े होते है. मस्तिष्क सभी अंगो से संकेतों को समझता है और उन्हें निर्देश देता है.मस्तिष्क शरीर का मेमोरी होता है और संकेत कोशिकाएं उसके डाटा केबल की तरह होती है.जिनका काम मस्तिष्क तक संकेत पहुचना और नेर्देश को बाकी अंगों तक पहुचना होता है.मस्तिष्क में विचार,यांदे,इमोशन उत्पन्न होते है.मस्तिष्क में आप विचार व अपनी बुद्धि का विस्तार करते है.मस्तिष्क समस्त संकेतो जैसे छूना,सुनना,हिलना, और स्वाद लेना,देखना,सूंघना,दर्द आदि का नियंत्रण करता है. आप इसमें कल्पनाओं की दुनिया भी बना सकते है.कम्प्युटर यंत्र सबसे तेज होता है पर वह मस्तिष्क को टक्कर नही दे सकता है.कम्प्युटर का अविष्कार भी मस्तिष्क की देन है, जो किसी चमत्कार से कम नही है.मस्तिष्क में खून का प्रवाह होते रहता है यह उसके पोषण का मुख्य स्त्रोत है वह अपना पोषण खून के माध्यम से प्राप्त करता है. इसके लिए निरंतर खून का प्रवाह होना आवश्यक है.खून की कमी होने पर मस्तिष्क कमजोर होने लगती है,यही कारण है की इसको लगातार रक्त की आवश्यकता पड़ती है. मानव मस्तिष्क की स्मृति लिमिट की कोई सीमा नही होती है.
मस्तिष्क के बारे में कुछ महत्वपूर्ण बातें :
- आपका दिमाग 75% पानी से बना होता है,बाकी मांस से बना होता है.
- मानव मस्तिष्क का विस्तार १८ वर्ष की आयु तक होता है.
- सिर दर्द मस्तिष्क में केमिकल क्रिया के कारण होता है
- सुगर लेवल बड़ने पर मस्तिष्क को नुकशान होने लगता है.
- मस्तिष्क शरीर के सभी अंगों को नियंत्रित करती है.
- मस्तिष्क के भाग व उसके कार्य
- नियमित व्यायाम- आपको रोज नियमित 30 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए. व्यायाम से शरीर में फुर्ती बनी रहती है. रक्तवाहिनी सुचारू रूप से कार्य करने लगते है.
- मानसिक रूप से - आपको मानसिक रूप से चिंता मुक्त रहना चाहिए क्योकि चिंता चिता का कारण बन सकता है. मानसिक रूप से मुक्त ना रहने पर कई प्रकार के बीमारी के साथ साथ माहोल को भी ख़राब करता है.
- नियमित दिनचर्या- नियमित दिनचर्या का पालन करना चाहिए.रोज 8 घंटे का नींद लेना चाहिए.समय पर सोना और उठना चाहिए.
- नियमित आहार - व्यस्त जीवन होने के कारण आज कल नियमित आहार का सारणी बिगड़ गया है हमें रोज समय पर खाना चाहिए.
- आपसी माहोल-आस पास लोगो से बातचीत करना चाहिए और खुशनुमा माहोल बनाना चाहिए. अच्छे माहोल में रहने से मन प्रसन रहता है और किसी प्रकार मानसिक परेशानी नही रहती है.
- योगासन- रोज सुबह शाम योगा रकने से शरीर तद्रुस्त रहता है.मन प्रसन रहता है और रोगों से भी लड़ने में मदत मिलती है.इक्षाशक्ति बढती है और रक्त संचार सुचारू रूप से होने लगता है.
- पोष्टिक आहार- पोष्टिक आहार हमारे शरीर को जरुरी मिनरल्स व आयरन प्राप्त होती है.जो रक्त के द्वारा हमारे मस्तिष्क तक पहुचती है और जरुरी मिनरल्स मिलने से मस्तिष्क अच्छे से कार्य करती है.
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