मोटर वाहन एक्ट को 1988 में लागु किया गया था जो पुरे भारत में लागु होता है. इसमें ड्राइवरों और कंडक्टर के लाइसेंस,मोटर वाहनों के रजिस्ट्री,उनके परमिट को,ट्रफिक नियनों,इन्शोरंस,देनदारी और पेनाल्टी पर नियंत्रित व दिशा नेर्देश देती है. जैसे आपको अनुशासित रखने के लिए घर में माता-पिता नियम बनाते है. जिसका आपको पालन करना पड़ता है और नियमों का पालन नही करने पर आपको दण्ड भी माता-पिता के द्वारा मिलता है. ठीक उसी प्रकार भारत सरकार ने भी मोटर वाहनों के लिए कुछ नियम बनाएं है जिसे हम इंडियन मोटर व्हीकल एक्ट कहते है.
ड्राविंग के लिए जरुरी पात्रता और नियम व शर्ते
ड्राविंग करने के लिए इंडियन मोटर वाहन एक्ट के अनुसार आपको कुछ पात्रता और शर्ते का पालन करना चाहिए वरना आपको भरी जुर्माना व सजा मिल सकता है.
- ड्राइवर की उम्र 18 वर्ष से कम नही होना चाहिए.
- उनके पास लीगल ड्राविंग लाईसेंस होना चाहिए.
- वह जो वाहन चला रहा है वह RTO में रजिस्टर होना चाहिए.
- उसका नंबर प्लेट जरी व गाड़ी में नंबर प्लेट लगा होना चाहिए.
- परमिट होना जरुरी है
- गाड़ी व खुद का इन्सुरेंस होना चाहिए.
- ट्रैफिक नियमो का पालन करना होगा
- गाड़ी सही तरीके से चलानी आनी चाहिए.
इंडियन मोटर वाहन अधिनियम के तहत धाराएं व अपराध
- सेक्शन 3 R/W 181मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध बिना लीगल लाइसेंस के गाड़ी चलाने पर आपके ऊपर लगता है.
- सेक्शन 5 R/W 180, यह धारा अपनी वाहन को दुसरे व्यक्ति को देने पर जिसके पास लाइसेंस नही है तब लगता है.
- सेक्शन 130(3) R/W 177, यह धारा व्यक्ति के पास सभी सम्बंधित दस्तावेज नही होने पर लगता है.
- सेक्शन 130 R/W , यह धारा बिना वैध इन्सुरेंस के वाहन चलाने पर लगती है.
- सेक्शन 130 R/W , यह धारा बिना वैध फिटनेस के चलाने पर लगती है.
- सेक्शन 39 R/W 192,यह धारा वैध RC नही होने पर लगती है.
- सेक्शन 4 R/W 181, यह धारा कोई नाबालिक वाहन चलाने पर लगती है.
- सेक्शन 129 R/W 177, यह धारा बिना हेलमेट पहने वाहन चलाने पर लगता है.
- धारा 138(3) CMVR 177, यह धारा बिना सीटबेल्ट पहने वाहन चलाने पर लगता है.
- सेक्शन 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध ओवर स्पीड व ख़राब तरीके से गाड़ी चलाने पर लगता है.
- सेक्शन 112-१८३, यह धारा व्यक्ति द्वरा जल्दबाजी व खतरनाक वाहन चलाने पर लगती है.
- 17 (i) RRR 177, यह धारा सिंगल रोड या गलत लेन में वाहन चलाने पर लगता है.
- सेक्शन 106 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत हिट एंड रन केस पर लगता है.
- ड्राविंग लाइसेंस सम्बंधित उलंघन करनें पर 1 लाख का जुर्माना लगाया जायेगा.
- तेज रफ़्तार वाहन चलाने वाले व्यक्ति को 2000 तक का जुरमाना लगेगा.
- अगर नाबालिक वाहन चलाते पाया जाता है तो उसके अभिभावक या वाहन मालिक को 25000 जुर्माना व 3 साल तक सजा हो सकती है.
- खतरनाक ड्राविंग,मोबाइल पर बात,गलत दिशा में वाहन चलाने पर 5000 तक जुर्माना
- व्यक्ति बिना लाइसेंस के वाहन चलाने पर 5000 तक का जुर्माना लग सकता है.
- शराब पीकर वाहन चलाने पर व्यक्ति पर 10000 तक जुर्माना लगेगा.
- बिना वाहन परमिट के वाहन चलाने पर 10000 तक जुर्माना लग सकता है.
- ओवर लोडिंग वाहन चलाने पर 20 हजार तक और प्रति अतिरिक्त टन 2000
- वाहन में यात्रियों की ओवर लोडिंग होने पर 1000 रूपये प्रति व्यक्ति लिया जायेगा.
- बिना सीट बेल्ट पहने वाहन चलाने पर 1000 तक दण्ड लिया जायेगा
- दोपहिया वाहनों पर ओवरलोडिंग वाहन चलाने पर 2000 और 3 माह के लिए लाइसेंस ससपेंड कर दिया जायेगा.
- दोपहिया वाहन बिना हेलमेट के चलाने पर आपको 1000 का चालन भरना होगा.
- अगर बिना वाहन का बिमा किये वाहन चलने पर 2000 का चालान
दिसम्बर २०२३ को नए हिट एंड रन के नियमों में परिवर्तन किया गया है. जिसके भारतीय न्याय सहिता के अनुसार परिवर्तन नए प्रावधान इस प्रकार से है:
- मोटर व्हीकल वाहन अधिनियम के तहत सेक्शन 106 के अनुसार ड्राइवर अगर किसी को हिट करके बिना पोलिस या एम्बुलेंस को सुचना दिए भाग जाता है तो उसे 10 साल तक की सजा व 7 लाख रूपये का जुर्माना देना होगा.
- गैर इरादतन हिट एंड रन केस में यानि व्यक्ति दुर्घटना करके नही भागता है और पोलिस को सुचना देता है तो उसे कम सजा मिलेगी . अधिकतम 3 साल
- तुरंत जमानत नही दिया जायेगा.
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