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शनिवार, 6 जनवरी 2024

नसों की संरचना व कार्य, कमजोरी के लक्षण, नसों का ब्लॉक होना क्या है ?

नसों की संरचना व कार्य,कमजोरी के लक्षण,नसों का ब्लॉक होना क्या है?

नस(रक्तवाहिनी) 

नस वह होती है जो हमारे रक्त को ह्रदय की और ले जाती है. इसे आप रक्तवाहिनी भी कह सकते है. नसे ऑक्सिजन से रहित होता इसलिए वह ह्रदय तक रक्त को पहुचता है और साफ व ताजा रक्त प्राप्त करता है. आपके शारीर में  1036 नसें होती है और इनकी लम्बाई 97000 किलोमीटर तक होती है.इसमें मुख्य 34 नसें होती है जो हमारे शारीर में फैली रहती है. बाकि सारी नसें उससे जुड़ने वाली छोटी कोशिकाएं होती है. आपके शरीर में सबसे लम्बी नस ग्रेट सैफेनस नस होता है जो आपके पैर के पृष्ठीय भाग से ऊरू त्रिकोण तक फैली होती है. और सबसे छोटी नस कपिलरी नस होती है जो आपके ब्लड सर्कुलेसन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.आपके शरीर में सबसे महत्वपूर्ण नस वेना कावा होती है जो आपकी छाती के उपरी दाये भाग में होती है.

नसों की संरचना 

आपके नस शरीर के लिए के लिए महत्वपूर्ण है इसकी संरचना तिन मुख्य परतों से मिलकर बनती है. जो इस प्रकार से है-

  1. संयोजी उतक के एक बाहरी परत- ये आपके नस का बाहरी भाग होता है 
  2. चिकनी मांसपेशियां जो एक मध्य परत होती है.
  3. एंडोथेलियम से पंक्तिबद्ध एक आंतरिक परत जो नस का अंदरी भाग है.
इन्ही संरचनाओं में तीन प्रकार की नसें होती है बड़ी(bigest),मध्यम(मिडल), और छोटी(स्माल) 

नसों के प्रकार 

आपके शरीर में दो प्रकार की नसें होती है -

  1. गहरी नसें 
  2. सतही नसें,

गहरी नसें (डीप वीन)

गहरी नसें जो शरीर के गहरे में पाई जाती है. यह सतही नसों से अलग होती है. यह शरीर की सतहके करीब होती है.गहरी नसें धमनी के पास होती है जो अधिक मात्र में रक्त को ह्रदय तक ले जाता है. गहरी नसों के नाम इस प्रकार से है:

उपरी अंग 

  • बहु शिरा 
  • एक्सिलरी नस 
  • सब्क्लेवियन नाड़ी 

नीचे वाले अंग में 

  • सामान्य ऊरू शिरा
  • ऊरू शिरा
  • प्रोफुंडा फेमोरिस नस
  • पोपलीटल नस
  • पेरोनियल नस
  • पूर्वकाल तिबियल शिरा 
  • पश्च तिबियल शिरा 


सतही नसें

सतही नस वह है जो शरीर के साथ त्वचा के पास होता है और इसे आप आसानी से देख सकते है.अगर आप वजन या मुठी बंधते है तो दिखाई देनें लगेंगी. सतही नसे गहरी नसें से विपरीत होती है. जब आपका शरीर बहुत गर्म होता है तो शरीर गहरी नसें से रक्त को सतही नस में भेजता है.जिससे आपका शरीर ठण्डा रहता है.

सतही नसें आपको इन जगहों पर दिखाई देगी जो नीचे दिया गया है:

गले के अंग पर 

  • जुगलर नस,जुगलर नस आपके कपल के बाहरी हिस्सा व चहरे के गहरे हिस्से से रक्त को प्राप्त करता है.
उपरी अंग पर 

  • मस्तक शिरा 
  • मीडियम क्युबिटल नस
  • बेसिलिक नस
निचले अंग पर

  • छोटी सफीन नस 
  • महान सैफेनस नस 

नसों के कार्य 

शरीर के रक्त शिराए ऑक्सिजन रहित रक्त को ह्रदय तक पहुचती है और वह से ऑक्सिजन प्राप्त करती है. आपका ह्रदय गुरुत्वाकर्षण नियम के उलट कार्य करता है. जैसे पैर की नसों में रक्त को नीचे की और बहना चाहिए लेकिन ह्रदय नसों के भीतर उपास्थित वाल्व की सहायता से से बड़ते रक्त को वापस जाने से रोक देता है.नसे रक्त को चालू रखने के लिए वाल्व का सहारा लेते है.

आपके शरीर में कमजोर पड़ने के कारण 

  • जाद्दा टेंसन में रहनें से 
  • अन्हेल्दी खाना खाने से 
  • फिजिकली एक्टिविटी की कमी 
कमजोर नसों के लक्षण 

  • अचानक सिरदर्द या तेज सिर दर्द होना दिमाग की नसों में कमजोरी के कारण होती है.
  • झुनझुनी महसूस करना
  •  पीठ दर्द नसों की कमजोरी के कारण मांसपेशियां में कठोरता बड़ने लगती है.
अपने नसों को मजबूत बनाने के लिए जरुरी कार्य

अपने शरीर के नसों को मजबूत बनाने के लिए निम्न बातो का पालन करें:

  • विटामिन C वाले खाद्य का उपयोग करें 
  • ब्राउन राईस खाया करें
  • ओट्स
  • ब्रोकली का सेवन 
  • दालें खाने से 
नसों में ब्लॉक होना क्या है ?
नसों में रक्त का प्रवाह सही तरीके से नही होती है जैसे ब्लड का रुकना या थका जमना जिससे रक्त प्रवाह बंद हो जाती है नसों का ब्लाक होना कहलाता है.इसके नसों में ब्लाक होने के कुछ कारण हो सकते है जो इस प्रकार से है :
  • मोटापा बड़ने से 
  • बुडापा भी इसका कारण हो सकता है 
  • स्मोकिंग करने से नसों में ब्लोसज हो सकती है.
  • हाई ब्लड प्रेशर होना,
  • हाई कोलेस्ट्रोल 
  • डायबिटिज भी इसका वजह हो सकता है.
नसों में ब्लॉक होने के लक्षण 
नसों में ब्लॉक होने के निम्नलिखित लक्षण हो सकते है जो इस प्रकार से है:
  • बिना वजह छाती में दर्द या तेज जल महसूस होना नस ब्लाक होने का लक्षण हो सकता है.
  • हर वक्त थकान महसूस होना 
  • बार बार चक्कर आना,
  • साँस लेने में तकलीफ होना,
  • चिपचिपाहट वाला पसीना आना.

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