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मंगलवार, 9 जनवरी 2024

ऊँगली व नाखून की संरचना,नाखून का विकास, (आपकी उंगलिया चटकाने से आवाज क्यों आती है?)

ऊँगली व नाखून की संरचना

 
उंगली(Finger)

मानव शरीर में दो हाथ होते है जिनमे पांच-पांच उंगलिया होती है. इसमें अंगूठा,तर्जनी,मध्यमा,अनामिका,कनिष्ठ होती है. हमारे हाथ  के उँगलियों में 12 और अगूठा में 2  हड्डी होती है. उँगलियों में पाए जाने वाले हड्डी का नाम फलंगेस होता है. हाथ की तरह पैरों में भी 14 हड्डियाँ पाई जाती है.

हमारी उँगलियाँ टेंडन नामक नरम उतक के कारण हिलने लगती है.जब आपकी हाथ की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती है तो टेंडन हड्डियों को खीचने लगते है और हाथ हिलने लगते है.

टेंडन मानव शरीर में टिश्यूज से बनी एक रस्सी जैसे संरचना होती है जो हड्डियों को पेशियों से जोड़ने का काम करती है.टेंडन हड्डी और मांसपेशियों के बिच में होती है और चमकीले सफेद रंग के होते है आपके पुरे शरीर में 4000 टेंडन होते है जो हड्डियों और मांसपेशियां को जोड़कर रखते है.


उंगलिया चटकाने पर आवाज आना 

इसका कारण उंगली के जॉइंट में उपस्थित एक फ्लुड्स से होता है. जिसे साइनोवियल(synovial फ्लूइड) फ्लुड्स कहते है. जब हम उंगलियों को चटकते है तो जॉइंट्स में ये फ्लुड्स गैस रिलीज करने लगते है जो बबल्स के रूप में फूटने लगते है.

उंगलिया चटकाने से क्या होता हैं

जायदा उंगलिया चटकाने से आपके हाथो के ग्रिप स्ट्रेंथ कमजोर पड़ जाती है और हाथों में सुजन की समस्या भी हो सकती है. उँगलियों में दर्द हो सकता है और आपकी उंगलिया काम करने में अक्षम हो सकती है. इसलिए आप सभी उँगलियों का ख्याल रखे. 

नाखून(Nail)

नाखून मानव शरीर में हाथ व् पाव के उगलियों के अंतिम हिस्से के उपरी सतह पर एक ठोस कवचनुमा आकार की होती है जो एक कठोर कराटिन से बना होता है. पशुओं की सिंग भी इसी पदार्थ से बना होता है.नाखून को आप तकनिकी रूप में नेल प्लेट भी कह सकते है. 

केराटिन बाल व् नाखूनों में पाया जाने वाला एक प्रोटीन होता है जो केतेटिनोसाइट्स के रूप में जाने वाले कोशिकाओं से निकलते है. मानव अपनी नाखूनों को चार प्रकार में बाट सकता है. जैसे लम्बे नाखून,चौड़े नाखून,छोटे नाखून,तंग नाखून 


नाखून की संरचना,नाखून का विकास,

नाखून की संरचना 

नेल प्लेट के नीचे मैट्रिक्स एक टेराटोजेनस झिल्ली के रूप में पाया जाता है. मैट्रिक्स कई तंत्रिकाए,रक्त वाहिकाए के साथ जुडी होती है.नेल प्लेट चेत्र नाखून का पोषण छेत्र होता है. यही से नाखून पोषण प्राप्त करता है और बढता है. आपके नाखून प्लेट के कई आकार हो सकता है जैसे धनुषाकार,सपाट. नाखून प्लेट एपिडर्मिस और गहरी डर्मिस ऊतको से बनी होती है. गहरे डर्मिस एक जीवित ऊतक होते है जो ग्राथिन्यों और कोशिकाओं को घेरे रहते है. एपिडर्मिस नाखून प्लेट के नीचे स्थित होता है.

नाखून का विकास 

नाखून का बढता हुआ हिस्सा एपिडर्मिस के नीचे नाखून के पास टर्मिनल पर त्वचा के नीचे होता है. टर्मिनल फलेजों की संख्या नाखून की वृद्धि दर निर्धारित करती है. आपकी तर्जनी उंगली की नाखून बाकि उंगली के नाखून से अधिक वृद्धि करती है.

नाखून में होने वाले रोग 

  • नाखून विटामिन D,विटामिन A,कैल्शियम की कमी के कारण होती है.
  • विटामिन बी12 की कमी से नाखून के सिरे गोल हो जाते है और उसके बाद नाखून काले,सूखे हो जाते है.
  • हिमोग्लोबिन की कमी से नाखून सफेद पड़ने लगते है और गुलाबी रंग कम होने लगते है.
  • लिनोलिक एसिड की अनुपस्थिति से नाखून झड़ने और फटने लगते है.
  • आयरन की कमी से नाखून पिला पड़ने लगता है.

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