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बुधवार, 10 जनवरी 2024

पेट(stomach) की संरचना व कार्य,स्थितियां व विकार,लक्षण,देखभाल

पेट(stomach) की संरचना व कार्य

 पेट(STOMACH)

 पेट एक मांसपेशीय अंग है जो भोजन को पचाने का कार्य करता है.आपका पेट जिसे आप अमाशय कहते है. पेट में भोजन प्राप्त होने पर पेट की मांसपेशिया सिकुड़ने लगती है और एसिड और एंजाइम उत्पन्न कर भोजन को गलाने का कार्य करता है इसके बाद भोजन को छोटी आंत को भेजता है. आपका यह अमाशय ग्रास नली और छोटी आंत के बिच में होता है. आपका पेट गेस्ट्रोइंटेस्टाइनल का हिस्सा है यह एक लम्बी ट्यूब है जो मुह से सुरु और मलद्वार तक होता है. पेट का आकार सभी में अलग अलग होता है.

पेट के संरचना एवं कार्य 

मानव का पेट मांसपेशिय अंग है जो ग्रासनली और छोटी आंत के बीच में होता है.मानव का  पेट ग्रसनी,ग्रसिका,अमाशय,छोटी आंत,बड़ी आंत,मलाशय,मलद्वार से बना होता है.आपके पेट में सबसे बड़ा आन्तरिक अंग यकृत होता है जिसकी चौड़ाई लगभग 15 सेंटीमीटर और वजन 1.5 किलोग्राम होता है.

आपके पेट के अंगो का वर्णन इस प्रकार है :

ग्रसनी - मुह और नक् के गुहा के पीछे गले का एक भाग होता है जो ग्रसिका और श्वास नली के ऊपर  होता है. ग्रसनी भोजन व हवा को ग्रसिका तक पहुचने का कार्य करती है.

ग्रसिका - ग्रसिका एक संकरी पेशीय नली होती है जो मुख के पीछे ग्रसनी से प्रारंभ होकर अमाशय के सबसे उपरी भाग में आकर मिलती है.ग्रसिका ग्रसनी से प्राप्त भोजन व हवा को स्विच करने का काम करता है.भोजन व हवा इसी नली से होकर अमाशय तक पहुचती है.

अमाशय- अमाशय ग्रासनली और छोटी आंत के बीच में स्थित होती है. जब भोजन ग्रसिका से अमाशय में पहुचती है तो अमाशय एसिड व एंजाइम उत्पन्न करता है और भोजन को बारीक़ टुकड़ो में बाँट देता है और टुकडे भोजन को छोटी आंत में भेजता है.

छोटी आंत- छोटी आंत अमाशय में जुड़ा होता है जिसकी लम्बाई लगभग 9 से 16 फीट होती है और   चौड़ाई व्यास 1.5 इंच का होता है. छोटी आंत भोजन को पचाने व पोषक तत्वों को अवशोषित करने में सहायक होती है.

बड़ी आंत- छोटी आंत में प्राप्त अपोषक भोजन से बड़ी आंत पानी को सोखकर एक ठोस मल में परिवर्तित करता है.और मलाशय में भेजता है. बड़ी आंत की लम्बाई लगभग 5 फीट और चौड़ाई लगभग ४ से 6 सेंटीमीटर व्यास होती है.

मलाशय- बड़ी आंत से प्राप्त मल को एकत्र करता है और मस्तिष्क को निर्देश पहुचता है की मल जमा हो चुकी है.इसके बाद  मलद्वार द्वारा मल को त्याग किया जाता है.     

पेट के शारीरिक रचना के भाग 

मानव पेट के पांच भाग होते है जो इस प्रकार से है :

  1. कार्डिया आपके पेट का उपरी शीर्ष भाग होता है जो भोजन को अन्न प्रणाली में वापस जाने से रोकता है.
  2. फंडस कार्डिया के बगल में और डायाफ्राम के निचे गोलाकार खंड में होता है.
  3. कार्पर्स आपके पेट का सबसे बड़ा भाग है जो पेट को सिकुड़ता है और भोजन को मिलाने का कार्य करता है 
  4. एंट्रम अमाशय में भोजन का तब तक रोककर रखता है जब तक वह छोटी आंत में जाने लायक ना हो जाये.
  5. पाईलोरस यह पेट का निचला भाग है जो इस बात को नियंत्रित करती है की आपका पेट की सामग्री छोटी आंत में कब और कैसे जाएगी.

आपके पेट में उपस्थित परत की जानकारी

आपके शरीर में पेट मांसपेशिया और अन्य कई उतकों की परतों से बनता है जिसका वर्णन इस प्रकार से है :

  • म्युकोसा - यह पेट का अंदरूनी परत है जो पेट खली होने पर म्युकोसा में छोटी-छोटी लकीरें बन जाती है और जब पेट भरता है तो ये लकीरें चपटी होने लगती है.
  • सब म्युकोसा - सब्म्युकोसा म्युकोसा परत को ढकता और सुरक्षा करती है. सब म्युकोसा में सयोजी उत्तक,रक्त वाहिकाएं,लसिका वाहिकाएं और तंत्रिका कोशिकाएं होती है.
  • मस्कुलरिस एक्सटर्न- भोजन को तोड़ने के लिए सिकुड़ती और शिथिल होती है.
  • सेरोसा- सेरोसा झिल्ली की परत होती है जो पेट को दहकती है.

आपके पेट की  स्थितियां व विकार की जानकारी

आपके पेट में होने वाले विकार व स्थितियां इस प्रकार से है:

  • अपच-यह मसालेदार या सही पाचन क्रिया नही होने पर होती है इससे पेट में जलन,दर्द हो सकती है.
  • पेट का कैंसर - पेट में कैंसर होने से कोशिकाएं को नुकसान होने लगता है और घाव भी हो सकता है.
  • गैस- पाचन क्रिया में समस्या होने पर पेट में गैस बनने लगती है. जिससे बदबू आने लगती है.
  • अल्सर रोग - आपके पेट या छोटी आंत में घाव के रूप में हो सकती है.
  • गेस्ट्रोपेरेसिस- इसमें मांसपेशियों के सिकुडन में परेशानियाँ हो सकती है.
  • जठर शोध - पेट इ सुजन होती है.
  • गैस्ट्रिक अल्सर- पेट के परत में चरण होता है जिससे दर्द और खून की बहाव हो सकती है.

      आपके पेट में रोग होने के लक्षण 

आपके पेट में रोग होने के कुछ लक्षण हो सकते है जो इस प्रकार से है:

  • अपच से छाती में जलन हो सकती है.
  • आपको बुखार आ सकता है.
  • आपको उल्टी हो सकती है.
  • आपको मल करने में परेशानियाँ हो सकती है.
  • आपके मल में  मवाद या खून आ सकता है.
  • आपको दस्त हो सकता है.
  • आपको अचानक और तेज पेट दर्द हो सकता है.

अपने पेट का देखभाल करने के जरुरी बातें 

निचे दिए गए निम्नलिखित बातों का पालन करने पर आपको पेट की बीमारी से निजात पा सकते हैं.जो इस प्रकार से है:

  • आपको शराब का सेवन नही करना चाहिए.
  • आपको मसालेदार भोजन से दुरी बनानी चाहिए.
  • नियमित व्यायाम करना चाहिए  आपको रोज 30 मिनट तक व्यायाम करना चाहिए.
  • तली हुई या आयल फ्री भोजन का सेवन करें.
  • आपको धुम्रपान या तम्बाखू का सेवन नही करना चाहिए.
  • आपको हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए.
  • दाले खाया करें.
  • मल को जादा देर तक रोक कर ना रखें.
  • 2-3 लीटर पानी रोज पीना चाहिए.
  • रोज सुबह शाम योगा करना चाहिए.
  • किसी भी जगह पर जादा देर तक ना बैठें क्योकि इससे आपको गैस की प्रॉब्लम हो सकती है.

सलाह

आपके शरीर का पेट भी दिमाग की तरह होती है जो शारीर का जरुरी पार्ट है इसके बिना आपको पोषण व अन्य सामग्री प्राप्त नही होगी. इसलिए आपको अपने पेट का ख्याल रखना चाहिए. इसके लिए ऊपर दिए गए बातों का पालन कर सकते है. अगर आपको पेट से सबंधित सीरियस प्रॉब्लम होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए .

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